चंद्रयान-3 कब होगा लाॅच, जानिए पूरी जानकारी के साथ

चांद पर जाने वाले चंद्रयान2 ने लैंडिंग के समय भले ही विपरीत काम किया हो लेकिन जब बात उपलब्धियों की आती है तो बतादें इसरो पहले से ही चांद ओर मंगल की खोज में काफी प्रगति कर चुका है, जहां नाशा की बड़ी इसपीस कम्पनी ने चांद तक पहुंचने के लिए 12 एटेम्ट लिए वहीं रसिया की बड़ी कंपनी roscosmos ने चांद पर फतह हासिल करने के लिए 7 बार प्रयास किया ऐसे में भारत की बात करें तो मंगलयान1 को चांद पर सुरक्षित लैंडिंग कराई और ये हमारे लिए बहुत गर्व की बात है।

हमारे चंद्रयान2 ने 6 सितवर 2019 को अपनी खतरनाक लैंडिंग के आखिर में भले ही विक्रम लैंडिंग के साथ सम्पर्क खो दिया हो लेकिन इसरो के हवाले से खबर आ रही है कि, ओरवीटर ने विक्रम की लोकेशन थर्मल की एक फोटो कैप्चा की है और उससे संपर्क साधने की कोशिश भी चल रही है आशा है कि बहोत जल्द एक अच्छी खबर मिलेगी! लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ फिर भी भारत की उड़ान रोकना मुश्किल ही नहीं न मुमकिन है. शुक्रवार के दिन लोगों को जैसे ही पता लगा कि, हमारा चंद्रयान2 फैल हो सकता है, उसी दिन सोशल मीडिया पर चंद्रयान3 को लेकर एक trend फैल चुका था। चंद्रयान3 को लेकर 34 हजार से भी ज्यादा Twitter ट्वीट हो चुके हैं. दरसअल भारत के लोग यह बिल्कुल नहीं चाहते हैं कि, हमारी छोटी सी असफलता के कारण अपने होसले कमजोर करदे, इसरो आगे भी इसी होशले से आगे बढ़े तभी लोग चंद्रयान3 को लेकर इच्छा जता रहे हैं। ओर हमारे विज्ञानिकों को चंद्रयान3 के लिए मजबूर कर रहे हैं, ऐसे में एक सवाल आता कि, क्या सचमें चंद्रयान3 को तैयार किया जाएगा? इसका जबाव है जी हां, भले ही इसपर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।


लेकिन माना जा रहा है इसरो आने वाले साल में चंद्रयान3 मूनमिशन पर काम करने की इच्छा जता रहे हैं और नाशा की तरह इसरो का लझ्य भी ह्युमन लैंड की ओर है ये मिशन साल 2024 में लांच होने की संभावना है, जहां चंद्रयान2 को भारत ने बिना किसी साहता के खुद ही लांच किया था. वहीं चंद्रया3 को भारत जापान की कंपनी JAXA के साथ शुरू करेगा जो कि एक इस्पेश कंपनी है, 2024 में ये मिशन  चंद्रमा के साउथ पोल रीजन का पता लगाने के लिए भेजा जाएगा इसमें एक लूनर रूवर ओर लैंडर को भेजा जिएगा, चंद्रयान3 मिशन के लिए JAXA, H3 लांच विकल ओर लूनर रूवर प्रदान करेगा जबकि इसरो लैंडर के लिए जिम्मेदार होगा।


माना जा रहा है कि, चंद्रयान3 को तिनीकाशीमाश सेंटर जापान से लांच किया जाएगा ओर इस मिशन का रूवर चाँद की सतह पर लगभग 50380 फिट वर्फ को एक्शप्लोर करेगा, हालांकि इस मिशन की फंडिंग ओर प्रोग्राम को पूरी जानकारी के प्रस्तुत नहीं किया गया है. लेकिन इसे मंजूरी दी जाती है तो ये भारत के लूनर प्रोग्राम का तीसरा मिशन होगा साथ ही चंद्रयान2 की तुलना में काफी महत्वकांझी होगा, इस मिशन को मंजूरी देने का मतलब है भारत ओर जापान मिलकर चांद की सतह पर जमे हुए पानी का पता लगाएंगे ये जमा हुआ पानी सल्टरग्रेटर में चांद की फार साइट में मौजूद है इस जगह पर सूर्य की किरणे नहीं पंहुचती है और इसी लिए पानी वहां पर एक वर्फ के रूप में मौजूद है, इसरो के अध्यक्ष कि शिवन ने एक इंटरव्यु में बताया है, आने वाले साल में भारत का लक्ष्य इस अपलैंड मिशन पर ओर भी इंटरनैशनल कोलीब्रेशन को जोड़ा है इसमें हम दूसरे देसों की पैलूड के साथ अमन्तरित करेंगे, उनका कहना था हम चंद्रयान3 के काम्फीग्रेशन पर काम कर रहे हैं, ओर बाद की तारीख में हम इसे लांच करने की बात करेंगे। केबल चंद्रयान3 ही नही बल्कि इसरो के हवाले से और भी कई स्पेश मिशन उड़ान भरने वाले हैं।


चंद्रयान2 तो एक स्पेश में जाने की एक शुरूआत थी. मंगलयान की कामयावी हम सबने देखी ही थी हम जानते हैं म्रास एक टफ डेटिनेशन है ओर तकनीकी सम्सांयों के कारण वहां जाने वाले कई मिशन असफल होते आए हैं फिर चांहे क्यूं न जापान की कंपनी JAXA, यूरोप की कंपनी eesa, roscosmos, या फिर नाशा का इन मेसे कोई भी अभी तक कामयाब नही हुए हैं लेकिन जब म्रास को लेकर हम इसरो बात करते हैं तो पाते हैं कि, भारत पहला ऐसा देश रहा है जिसने साल 2014 में अपनी पहली उड़ान से मंगलयान1 सफलता पूरवक लैंड कराया ओर सबसे कम वजट में, ऐसे में भारत एक नये मिशन के साथ मंगल की सतह पर अपनी प्रचम लहेराने की उमीद करता है, यानी  मंगलयान2 ओर यह मिशन 2022 में लांच किया जाएगा, भारत का निशाना चाँद या मंगल ही नहीं है बल्कि  इसरो वीनश की ओर भी अपने कदम बढ़ा रहा है, इसके साथ ही हमारे इसरो की नजर सूर्य पर भी है
ओर इसके लिए आदितएलवन मिशन पर काम कर रहा है, जिसे 2020 में लांच भी किया जा सकता है।।

आने बाले समय में हमारी India पूरी दुनिया में एक बहुत बड़ा इतिहास रच सकती है, ओर इन सब मिशन को लेकर हमारा देश सफल रहे यही मेरी दुआ है ।।

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